साइबर सुरक्षा पहल

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In case of Cyber Financial Fraud, For immediate reporting ,Call 1930 (Earlier 155260).(24*7) .     >> Workshop (Online) on Cyber Security scheduled on 1st June 2022 at 3:00 PM

साइबर स्वच्छता/साइबर सुरक्षा/साइबर अपराधों की रोकथाम

साइबर हेल्पलाइन नंबर

साइबर अपराधों और उनके निवारक उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए, देश के सभी तकनीकी संस्थानों को प्रत्येक माह के पहले बुधवार को निम्नलिखित कार्यकलाप आयोजित करते हुए "साइबर जागरूकता दिवस" मनाना चाहिए जैसे: सुझाए गए विषयों पर संस्थानों के स्तर पर साइबर जागरूकता सत्र आयोजित करना
1. साइबर अपराध और सुरक्षा
2. दैनिक जीवन में साइबर स्वच्छता की अवधारणा और उपयोग
3. सामाजिक नेटवर्क का परिचय
4. इलैक्ट्रॉनिक भुगतान और सुरक्षा उपाय
परिसर में जागरूकता/प्रचार पोस्टर/बैनर लगाना

इंटरनेट हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। इसने हमारे आपस में संवाद करने, मित्र बनाने, नई सूचना (अपडेट) साझा करने, खेल (गेम) खेलने और खरीदारी करने के तरीके को बदल दिया है। यह हमारे दैनिक जीवन के अधिकांश पहलुओं को प्रभावित कर रहा है। साइबर अपराधों की रोकथाम पर जानकारी के प्रचार प्रसार के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है और यह बार-बार कहा जा रहा है कि छात्र साइबर सुरक्षा के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने और साइबर अपराधों को रोकने के लिए एक सशक्त आधार के रूप में कार्य कर सकते हैं।
साइबरस्पेस हमें वस्तुतः विश्व भर के करोड़ों ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं से जोड़ता है। साइबरस्पेस के बढ़ते उपयोग के साथ, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध जैसे साइबर स्टाकिंग, साइबर बुलिंग, साइबर उत्पीड़न, बालक अश्लील चलचित्र ( चाइल्ड पोर्नोग्राफी), बलात्कार सामग्री आदि भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए, साइबर की कुछ सुरक्षित प्रथाओं का पालन करना महत्वपूर्ण है जो हमारे ऑनलाइन अनुभव को और उपयोगी एवं परिणामात्मक बनाने में मदद कर सकते हैं:

किशोरों और युवाओं के लिए साइबर जागरूकता और स्वस्थ्यता

  • • अपनी ऑनलाइन उपस्थिति को वैसे ही सुरक्षित रखें जैसे आप स्वयं को सुरक्षित रखते हैं: यदि आपने अपने सोशल मीडिया खातों पर सही सेटिंग्स का चयन नहीं किया है, तो पोस्ट किए गए फ़ोटो और वीडियो आपकी जानकारी के बिना अन्य लोगों द्वारा देखे, डाउनलोड और उपयोग किए जा सकते हैं।

  • • वीडियो चैट और वीडियो कॉल पर उपस्थित रहते समय सावधान रहें: सोशल मीडिया साइटों पर आपकी वीडियो चैट को दूसरी तरफ के व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किया जा सकता है। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां निजी प्रकृति की मानी जाने वाली वीडियो चैट को सोशल मीडिया समूहों और वेबसाइटों पर रिकॉर्ड और साझा किया गया है। अजनबियों से चैट अनुरोध स्वीकार करते समय सावधान रहें

  • • संवेदनशील व्यक्तिगत फ़ोटो और वीडियो लेने के लिए स्मार्टफ़ोन का उपयोग न करें : संवेदनशील व्यक्तिगत फ़ोटो और वीडियो लेने के लिए स्मार्टफ़ोन का उपयोग न करें. अधिकांश स्मार्टफोन इंटरनेट और क्लाउड स्टोरेज से जुड़े होते हैं। यदि क्लाउड से जुड़े स्मार्टफोन का उपयोग करके किसी चित्र या वीडियो को क्लिक/रिकॉर्ड किया गया है, तो यह स्वचालित रूप से क्लाउड में सहेजा जा सकता है। यहां तक कि अगर उपयोगकर्ता अपने फोन से अपने फोटो या वीडियो हटाते हैं, तो उसी फोटो या वीडियो को क्लाउड अकाउंट या उसी अकाउंट का उपयोग करके क्लाउड से जुड़े किसी अन्य डिवाइस / पीसी से पुनर्प्राप्त किया जा सकता है।

  • • साइबर स्टाकिंग से स्वयं को सुरक्षित रखें: साइबर स्टाकर अरुचि के स्पष्ट संकेत दिए जाने के बावजूद भी किसी व्यक्ति की तरफ बार-बार आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। वे पीछा करने के लिए इंटरनेट, ईमेल, सोशल मीडिया या किसी अन्य प्रकार के इलैक्ट्रॉनिक संचार का उपयोग करते हैं। सोशल मीडिया साइटों, मोबाइल उपकरणों आदि के लिए अपने स्थान की जानकारी देने वाली सेवाओं को बंद कर दे। अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे फोन नंबर, ई-मेल पता तथा तस्वीरों को अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा करने से बचें। यदि आपको लगता है कि आप साइबर स्टाकिंग के शिकार हैं तो अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से सलाह लें

  • • फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से सावधान रहें- सभी अकाउंट असली नहीं होते हैं और अकाउंट पर दी गई सभी जानकारी सही नहीं होती है इसलिए अजनबियों से दोस्ती का अनुरोध (फ्रेंड रिक्वेस्ट) स्वीकार करते समय सतर्क रहें।

  • • अपने मोबाइल एवं पी सी जैसे उपकरणों को सर्विसिंग/मरम्मत/बिक्री के लिए देते समय सावधान रहें, इनमे उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी होती है जिसे मरम्मत, सर्विसिंग या बिक्री के लिए भेजने से पहले मिटाने (डिलीट) की आवश्यकता होती है।

  • • अपने संचार उपकरणों को सुरक्षित रखें: अपने पासवर्ड, पिन, पैटर्न या बायोमेट्रिक जानकारी दूसरों को प्रदान न करे और दूसरों को अपने उपकरणों तक पहुंचने से रोकें। हमेशा अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर आदि में किसी विश्वसनीय स्रोत से ही एप्लिकेशन इंस्टॉल करें जैसे कि प्ले स्टोर, ऐप स्टोर या आधिकारिक कंपनी की वेबसाइटों से।

  • • अगर आपको चाइल्ड पोर्नोग्राफी (सीपी)/बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) यौन अश्लील सामग्री से संबंधित सामग्री मिलती है तो रिपोर्ट करें बाल पोर्नोग्राफी (सीपी)/बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) या यौन अश्लील सामग्री जैसे बलात्कार से संबंधित कोई भी सामग्री / सामूहिक बलात्कार (सीपी/आरजीआर) सामग्री की रिपोर्ट संबंधित सोशल मीडिया वेबसाइट पर की जानी चाहिए।

Cyber awareness and hygiene for parents

  • • अपने बच्चों से बहलाने फुसलाने के व्यवहार, धमकाने और पीछा करने जैसे धोखाधड़ी वाले संभावित ऑनलाइन खतरों के बारे में बात करें जैसे कि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखें। इंटरनेट और ऑनलाइन खेल (गेम) के उपयोग के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश निर्धारित करें।

  • • व्यवहार में बदलाव के संकेतकों पर ध्यान दें: यदि आपका बच्चा ऑनलाइन अधिक समय बिताना शुरू कर देता है और अपनी ऑनलाइन गतिविधियों के बारे में छुपना गोपनीय रखना शुरू कर देता है, तो यह साइबर अपराध में फँसे होने का संकेतक हो सकता है। अपने बच्चे से बात करें और उसे अन्य गतिविधियों में शामिल करें।

  • • अपने बच्चे को साइबर धोखाधड़ी वाले व्यवहार से बचाएं: धोखाधड़ी वाले बहलाने फुसलाने का व्यवहार (ग्रूमिंग) एक ऐसा अभ्यास है जहां कोई व्यक्ति यौन शोषण के लिए उनका विश्वास हासिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया या चैट विंडो के माध्यम से बच्चे के साथ भावनात्मक बंधन बनाता है।

  • • कभी भी संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें: कभी भी अनजान व्यक्ति से ई-मेल, टेक्स्ट मैसेज या सोशल मीडिया में प्राप्त लिंक या फाइलों पर क्लिक न करें। यह कंप्यूटर को मैलवेयर से संक्रमित करने का प्रयास हो सकता है।

  • • अपने वेबकैम को कवर करें: एक वेब कैमरा (लैपटॉप में डिफ़ॉल्ट) यदि हैक कर लिया जाता है तो दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों पर नजर रखो/देखने और रिकॉर्ड करने के माध्यम के उसका गलत लाभ उठा सकते है। जब उपयोग में न हो तो वेबकैम को ढकने की अनुशंसा की जाती है।

  • • बच्चों द्वारा उपयोग किए जाने वाले उपकरणों पर माता-पिता द्वारा अपने नियंत्रण में रखने की कार्यक्षमता या माता-पिता के नियंत्रण वाले सॉफ़्टवेयर के साथ एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर स्थापित करें और उनके द्वारा उपयोग की जाने वाली सोशल मीडिया साइटों की गोपनीयता सेटिंग्स की समीक्षा करें।

  • • सॉफ्टवेयर अद्यतन(अपडेट) रखें: अपने सॉफ्टवेयर और संचालन प्रणाली (ऑपरेटिंग सिस्टम) को अद्यतन (अप-टू-डेट) रखें। हैकर्स निजी जानकारी तक पहुँचने और आपको जोखिम में डालने के लिए सॉफ़्टवेयर कमजोरियों को लक्षित करते हैं, इसलिए अपने सभी सॉफ़्टवेयर को नवीनतम सुरक्षा पैच के साथ अद्यतन (अप-टू-डेट) करना सुनिश्चित करें। कभी भी अविश्वसनीय स्रोतों से सॉफ़्टवेयर, गेम, संगीत और ऐप्स इंस्टॉल न करें।

  • • सुरक्षित ब्राउज़र सेटिंग सेट करें: हमेशा ब्राउज़र का अद्यतन (अप-टू-डेट) संस्करण चुनें और हैकर्स और मैलवेयर से अपनी सुरक्षा के लिए सुरक्षित ब्राउज़िंग टूल इंस्टॉल करें।

संगठनों/संस्थानों के लिए साइबर जागरूकता और स्वस्थ्यता

    साइबर अपराधों और निवारक उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए, देश के सभी तकनीकी संस्थानों को निम्नलिखित कार्यकलापों की व्यवस्था करके हर महीने के पहले बुधवार को "साइबर जागरूकता दिवस" मनाना चाहिए जैसे: सुझाए गए विषयों पर संस्थानों के स्तर पर साइबर जागरूकता सत्र आयोजित करना
  • 1. साइबर अपराध और सुरक्षा
  • 2. दैनिक जीवन में साइबर स्वस्थ्यता की अवधारणा और उपयोग
  • 3. सामाजिक नेटवर्क का परिचय
  • 4. इलेक्ट्रॉनिक भुगतान और सुरक्षा उपाय
  • परिसर में जागरूकता/प्रचार पोस्टर/बैनर लगाना
  • •छात्रों को ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर 'साइबर दोस्त' का अनुसरण करने के लिए कहें।

  • • अपनी ऑनलाइन उपस्थिति को वैसे ही सुरक्षित रखे जैसे आप स्वयं को सुरक्षित रखते हैं: यदि आपने अपने सोशल मीडिया खातों पर सही सेटिंग्स का चयन नहीं किया है, तो पोस्ट किए गए फ़ोटो और वीडियो आपकी जानकारी के बिना अन्य लोगों द्वारा देखे, डाउनलोड और उपयोग किए जा सकते हैं।

  • • वीडियो चैट और वीडियो कॉल पर उपस्थिति रहते समय सावधान रहें: सोशल मीडिया साइटों पर आपकी वीडियो चैट को दूसरी तरफ के व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किया जा सकता है। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां निजी प्रकृति की मानी जाने वाली वीडियो चैट जो सोशल मीडिया समूहों और वेबसाइटों पर रिकॉर्ड और साझा किया गया है। अजनबियों से चैट अनुरोध स्वीकार करते समय सावधान रहें

  • • संवेदनशील व्यक्तिगत फ़ोटो और वीडियो लेने के लिए स्मार्टफ़ोन का उपयोग न करें: संवेदनशील व्यक्तिगत फ़ोटो और वीडियो लेने के लिए स्मार्टफ़ोन का उपयोग न करें. अधिकांश स्मार्टफोन इंटरनेट और क्लाउड स्टोरेज से जुड़े होते हैं। यदि क्लाउड से जुड़े स्मार्टफोन का उपयोग करके किसी चित्र या वीडियो को क्लिक/रिकॉर्ड किया गया है, तो यह स्वचालित रूप से क्लाउड में सहेजा जा सकता है। यहां तक कि अगर उपयोगकर्ता अपने फोन से अपने फोटो या वीडियो हटाते हैं, तो उसी फोटो या वीडियो को क्लाउड अकाउंट या उसी अकाउंट का उपयोग करके क्लाउड से जुड़े किसी अन्य डिवाइस / पीसी से पुनर्प्राप्त किया जा सकता है।

  • • साइबर स्टाकिंग से स्वयं को सुरक्षित रखें: साइबर स्टाकर अरुचि के स्पष्ट संकेत दिए जाने के बावजूद भी किसी व्यक्ति की तरफ बार-बार आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। वे पीछा करने के लिए इंटरनेट, ईमेल, सोशल मीडिया या किसी अन्य प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक संचार का उपयोग करते हैं। सोशल मीडिया साइटों, मोबाइल उपकरणों आदि के लिए अपने स्थान की जानकारी देने वाली सेवाओं को बंद कर दे। अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे फोन नंबर, ई-मेल पता तथा तस्वीरों को अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा करने से बचें। तो अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से सलाह लें, यदि आपको लगता है कि आप साइबर स्टाकिंग के शिकार हैं

  • • फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से सावधान रहें- सभी अकाउंट असली नहीं होते हैं और अकाउंट पर दी गई सभी जानकारी सही नहीं होती है इसलिए अजनबियों से दोस्ती का अनुरोध (फ्रेंड रिक्वेस्ट) स्वीकार करते समय सतर्क रहें।

  • • अपने मोबाइल एवं पी सी जैसे उपकरणों को सर्विसिंग/मरम्मत/बिक्री के लिए देते समय सावधान रहें, इनमे उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी होती है जिसे मरम्मत, सर्विसिंग या बिक्री के लिए भेजने से पहले मिटाने (डिलीट) करने की आवश्यकता होती है।

  • • अपने संचार उपकरणों को सुरक्षित रखें: अपने पासवर्ड, पिन, पैटर्न या बायोमेट्रिक जानकारी दूसरों को प्रदान न करे और दूसरों को अपने उपकरणों तक पहुंचने से रोकें। हमेशा अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर आदि में किसी विश्वसनीय स्रोत से ही एप्लिकेशन इंस्टॉल करें जैसे कि प्ले स्टोर, ऐप स्टोर या आधिकारिक कंपनी की वेबसाइटों से।

  • • अगर आपको चाइल्ड पोर्नोग्राफी (सीपी)/बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) यौन अश्लील सामग्री से संबंधित सामग्री मिलती है तो रिपोर्ट करें बाल पोर्नोग्राफी (सीपी)/बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) या यौन अश्लील सामग्री जैसे बलात्कार से संबंधित कोई भी सामग्री / सामूहिक बलात्कार (सीपी/आरजीआर) सामग्री की रिपोर्ट संबंधित सोशल मीडिया वेबसाइट पर की जानी चाहिए।
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